रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today । भगवान शिव की उपासना के पवित्र मास सावन (श्रावण) में जगह जगह धार्मिक आयोजन चल रहे हैं। उरई मार्ग पर स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण व राधाजी के लिए झूला डाले गए हैं।
नगर के शिव मंदिरों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर द्वारिकाधीश मंदिर, नाना महाराज मंदिर, बंबई वाला मंदिर, मुरलीमनोहर मनोहर मंदिर में सावन तीज से भगवान श्रीकृष्ण व राधाजी के लिए झूला डाला गया है। सजे हुए झूला में भगवान को झूला झुलाया जा रहा है। शाम के समय भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। भजन संध्या से मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण भक्ति की रसधार बह रही है। वहीं, पवित्र सावन के मास में नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में शिव की उपासना चल रही है। शिव के भक्त अपने इस्ट को प्रसन्न करने के लिये अपने अपने ढंग से आराधना कर रहे हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन चल रहे हैं। सावन तीज के बाद मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण व राधाजी को झूला झुलाया जा रहा है और भजन संध्या का आयोजन चल रहा है। उरई मार्ग स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान व शिव मंदिर में सावन के प्रारम्भ से रूद्राभिषेक का आयोजन चल रहा है। सुबह, शाम और दोपहर में चल रहे रूद्राभिषेक में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। रुद्राभिषेक करा रहे पंडित अमित तिवारी ने बताया कि रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रूद्र अर्थात शिव का अभिषेक। सावन के महीने में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। सावन में सोमवार के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से साधक को सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। दूध, दही आदि से भगवान शिव का अभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में आ रहे कष्ट दूर होने लगते हैं। पंचामृत से भी महादेव का रुद्राभिषेक कर सकते हैं।










