बसपा सुप्रीमो मायावती का योगी सरकार पर हमला बोलीं, किसानों की उपेक्षा करना बंद करें सरकार

(Bne)

लखनऊ :यूपी के किसानों के हक में बोलते हुए बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने यूपी सरकार से मांग की है कि, किसान इस वक्त परेशान है। तो योगी सरकार को चाहिए की यूपी के किसानों को हर स्तर पर मदद करें। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 62 जिलों में इस साल औसत से कम वर्षा हुई है। राज्य सरकार ने सूखे की स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया है। जिसकी रिपोर्ट 14 सितंबर तक शासन को भेजी जाएगी। हर स्तर पर मदद शुरू करे सरकार सूखे से परेशान यूपी के किसानों की मदद के लिए यूपी सरकार से बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को दो ट्वीट के जरिए मांग की कि , अपनी उपज का लाभकारी मूल्य व गन्ना बकाया आदि नहीं मिल पाने से यूपी का किसान समाज पहले से ही काफी दुखी व परेशान है। तथा कमजोर मानसून ने अब उनकी चिन्ताएं और भी बढ़ा दी है। किसानों को ऐसी विकट स्थिति से निकालने के लिए सरकार हर स्तर पर उनकी मदद तत्काल शुरू करे। बीएसपी की योगी सरकार यह मांग है। ऊँट के मुँह में ज़ीरा के बराबर नहीं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आगे लिखा कि, साथ ही, यूपी जैसे विशाल किसान समाज वाले प्रदेश में फसल सुरक्षा व भण्डारण आदि के लिए अगले पांच वर्षों में 192 करोड़ रुपए अर्थात प्रति वर्ष मात्र करीब 38 करोड़ रुपए खर्च करने की ताज़ा घोषणा क्या ऊँट के मुँह में ज़ीरा के बराबर नहीं लगती है। सरकार इनकी भी उपेक्षा करना बंद करे। पर भारत में बीस गुना कम है प्रति व्यक्ति आय मायावती आजकल लगातार अपने ट्वीट के जरिए चर्चा में बनी हुईं हैं। मायावती ने पांच सितम्बर के ट्वीट में लिखा कि, भारत की अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन को पीछे छोड़कर, विश्व में पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। किन्तु यह संतोष की बात तब होती जब यहां के लगभग 140 करोड़ लोगों के गरीब जीवन में आवश्यक सुधार को प्रदर्शित करने वाले आँकड़े जैसे प्रति व्यक्ति आय में भी तुलनीय वृद्धि हुई होती। ब्रिटेन के लोगों की प्रति व्यक्ति आय भारत के लोगों से करीब 20 गुणा ज्यादा है। जिसकी बराबरी पाने पर ही देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी दुखद समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। देश की अधिकतर आबादी गरीबी व निम्न आय वर्ग में पिछड़ गई है जिसकी सही चिन्ता बहुत ही जरूरी।

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