GST council । जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए टैक्स मामलों में आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी है। अब ₹5 करोड़ से कम की टैक्स गड़बड़ी पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। ऐसे मामलों को पेनल्टी और सिविल प्रक्रिया के तहत निपटाया जाएगा। पहले यह सीमा ₹1 करोड़ थी।
काउंसिल ने टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों में भी बदलाव किया है। अब सजा, जुर्माना या जेल का फैसला अदालत ही करेगी। वहीं, ₹10 हजार से कम की टैक्स चोरी पर कारोबारी को नोटिस नहीं देने का प्रावधान किया गया है।
ईमानदार खरीदारों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर भी राहत दी गई है। यदि खरीदार के पास सही बिल है, सामान प्राप्त हो चुका है और सप्लायर को भुगतान किया गया है, तो सप्लायर की धोखाधड़ी के कारण उसका ITC न अटके, इस पर कमेटी ऑफ ऑफिसर्स तीन महीने में रिपोर्ट देगी।
इसके अलावा, सामान्य पेनल्टी ₹25 हजार से घटाकर ₹10 हजार कर दी गई है। जीएसटी दरों में बदलाव अब साल में केवल एक बार किए जाने पर भी जोर दिया गया है।




