रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन के नाना महाराज मंदिर में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास पंडित प्रदीप तिवारी ने कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन किया।
नाना महाराज मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास पंडित प्रदीप तिवारी ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं। कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने बचपन के मित्र सखा श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। उन्होंने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और उनके महल की ओर बढ़ने लगे। द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं, यह संदेश द्वारिकाधीश को दीजिए। सुदामा के आने की खबर सुनकर श्रीकृष्ण नंगे पैर ही दौड़कर द्वार पर आए और बचपन के सखा सुदामा को देखकर उन्होंने उसे अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उनके चरण धोए। उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया। बताया कि जब भी भक्तों पर विपदा आ पड़ी है, प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं। इस मौके पर महंत विजय रामदासजी, पुजारी राधारमण, श्रीराम दौहालिया, अरुण मिश्रा, नीशू पाठक, हिम्मत सिंह, अरविंद गुप्ता बीनू, महेंद्र सिंह, राजू पुरवार, बंटे सोनी आदि रहे।






