लखनऊ के पीजीआई में हुई हत्या का का खुलासा : कुकर्म के प्रयास में हुई थी हत्या,,दो अरेस्ट

शव को ट्रालर में छोड़ कर हो गए थे फरार

(रिपोर्ट – संजय सिंह)

घटना के खुलासे की जानकारी देते डीसीपी

लखनऊ । पीजीआई इलाके में कल्ली पश्चिम के अमोल गांव में सोमवार को हुई ट्रालर चालक हरपिंदर की हत्या के मामले में पुलिस ने रोहित कुमार और उसके रिश्ते के चाचा कमल को गिरफ्तार कर लिया। हरपिंदर ने नशे की हालत में रोहित के साथ कुर्कम करने का प्रयास किया। विरोध पर रोहित ने पाना से ताबड़तोड़ उसके सिर पर वार किए। जिससे हरपिंदर की मौत हो गई। वारदात के बाद रोहित खुद ट्रालर चलाकर कल्ली पश्चिम के अमोल गांव के पास पहुंचा। वहां झाड़ियों के पास ट्रालर छोड़कर चाचा कमल के साथ भाग निकला और दिल्ली चला गया था।डीसीपी पूर्वी ह्रदेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित रोहित सीतापुर जनपद के महाराजनगर हरगांव और कमल मगरुवा का रहने वाला है। दोनों पहले हरपिंदर के भतीजे के यहां ट्रक चलाते थे। दोनों ने हरपिंदर के साथ कई लांग रूट पर सफर भी किया है। पूछताछ के दौरान रोहित और कमल ने बताया कि 18 मार्च को हरपिंदर ने उन्हें फोन कर बुलाया था। ट्रालर खाली होने के बाद नोयडा तक गाड़ी ले जाने की बात हुई थी। दोनों गोदाम के पास पहुंचे। वहां दोनों हरपिंदर के साथ एक दिन ट्रालर में ही रहे। खाना खाया शराब पी और सो गए। अगले दिन 19 मार्च को रात में शराब पी खाना खाया। नशे के दौरान हरपिंदर ने रोहित से गलत हरकत करने की कोशिश की। रोहित ने विरोध किया हरपिंदर नहीं माना। दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। रोहित ने पाना उठाया और हरपिंदर की हत्या कर दी। इसके बाद कमल और रोहित दोनों घबरा गए। रोहित ने केबिन में पिछली सीट पर परमिंदर का शव डाला। इसके बाद ट्रालर लेकर काफी तेज रफ्तार से कल्ली पश्चिम की ओर निकला। रास्ते में एक वाहन से ट्रालर की साइड भी रगड़ गई थी। जिससे दाहिनी ओर ट्रालर क्षतिग्रस्त हो गया। फिर हरपिंदर को ट्रालर में ही छोड़कर दोनों भाग निकले। एडीसीपी पूर्वी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि हरपिंदर मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट हरिंदर नगर के रहने वाले थे। वह 15 मार्च को नोएडा में रहने वाले व्यवसायी हरविंदर के ट्रालर से गोदरेज कंपनी का इलेक्ट्रानिक्स का सामान लादकर बिजनौर के माटी गांव स्थित गोदाम में आए थे। उनका शव बीते सोमवार को ट्रालर के अंदर पड़ा मिला था। सहयोगी ट्रक चालक की तहरीर पर दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के राजफाश के लिए एसीपी कैंट अनूप सिंह के निर्देशन में इंस्पेक्टर पीजीआइ राणा राजेश सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मियों की टीम बनाई गई थी। मोबाइल की काल डिटेल्स में रोहित का नंबर मिला था। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो परत दर परत खुलती गई।

नहर में मोबाइल फेंककर भाग गया था दिल्ली

एडीसीपी ने बताया कि रोहित ने हरपिंदर को मौत के घाट उतारने के बाद अपने बड़े भाई को फोन कर जानकारी दी। बड़े भाई ने कहा कि अब घर मत आना हरपिंदर और अपना मोबाइल स्विच आफ करके फेंक दो और कहीं और चले जाओ। इसके बाद रोहित ने हरपिंदर और अपना मोबाइल स्विच आफ कर नहर में फेंका। चाचा कमल के साथ कानपुर रोड पहुंचा वहां से चारबाग। बस से दोनों कानपुर पहुंचे। वहां से सब्जी लदे ट्रक से दिल्ली चले गए। दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के यहां रोहित रुका था।

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