रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर में शनिवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर चिमनदुबे में संपन्न हुई बैठक में जल संरक्षण और उसके महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और जल स्रोतों के उचित प्रबंधन पर अपने-अपने सुझाव रखे।
नगर के मोहल्ला चिमनदुबे में अकरम सिद्दीकी के आवास आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोकेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जल की बर्बादी को रोकने के लिए हमें बच्चों को भी शुरू से ही इसकी महत्ता समझानी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालयों में जल संरक्षण पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि युवा पीढ़ी इस दिशा में जागरूक बने। जाकिर सिद्दीकी ने कहा कि जल संकट एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है और हमें अपने स्तर पर ही इसके समाधान की दिशा में कदम उठाने होंगे। उन्होंने वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाने और घरेलू जल के अनावश्यक दुरुपयोग को रोका जाए। बैठक में सोमिल याज्ञिक ने जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यदि हम सभी दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करें, जैसे नल को खुला न छोड़ना, बारिश के पानी को संचित करना, बागवानी में कम जल खपत वाली तकनीकों का उपयोग करना आदि, तो हम जल संकट से बच सकते हैं। इब्राहीम सिद्दीकी ने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है, लेकिन हम इसे व्यर्थ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण को लेकर सरकारें भी कई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन जब तक आम जनता इस दिशा में गंभीरता से कार्य नहीं करेगी, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने जल संचयन को प्राथमिकता देने और जल प्रबंधन को लेकर सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की शपथ ली। इस मौके पर जावेद अख्तर, श्यामू झा, राहुल आदि मौजूद रहे।




