जालौन जिले में अतिवृष्टि प्रभावित 53 हजार किसानों को राहत दिलाने में जुटा जिला प्रशासन ,,सरकार से मिली पहली किस्त

डीएम के प्रयासों से राहत वितरण में तेजी, यूपी सरकार से मिली 5 करोड़ की पहली किस्त
0 59 हजार बीमित किसानों को भी शीघ्र मिलेगा फसल बीमा का लाभ
0 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 577 मकानों के सापेक्ष 23 लाख से अधिक धनराशि प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई

ब्यूरो रिपोर्ट


Orai / jalaun news today । जनपद जालौन में इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा तथा 25, 26 और 27 सितंबर को हुई भारी बारिश से फसलों को व्यापक क्षति हुई है। अतिवृष्टि के बावजूद जनपद में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जिलाधिकारी समीर के निर्देशन में जिला प्रशासन प्रभावित किसानों और परिवारों को शासन की राहत योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से दिलाने में जुटा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। भारी बारिश से करीब 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंग, तिल सहित विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे लगभग 53 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने करीब 29 करोड़ का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा, जिसके सापेक्ष शासन से पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो चुकी है।
जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर अब राहत राशि को पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए पोर्टल पर डाटा फीडिंग और अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। तहसीलों के माध्यम से खतौनी आदि के सत्यापन के बाद अब तक 6 हजार से अधिक किसानों का डाटा पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। इन किसानों को राहत राशि के वितरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि पात्र किसानों को बिना अनावश्यक विलंब के शासन की राहत का लाभ मिल सके। अतिवृष्टि से हुई अन्य क्षति के मामलों में भी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। दो पशुहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को 75 हजार की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं 577 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष 23 लाख से अधिक की धनराशि प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिलाधिकारी समीर ने फसल बीमा के मामलों को भी प्राथमिकता देते हुए बीमा कंपनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया है। जनपद में करीब 59 हजार किसानों का फसल बीमा है। शासन स्तर पर भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया है, जिसके बाद बीमा संबंधी प्रक्रिया में तेजी आई है। अब तक करीब 33 हजार बीमित किसानों का डाटा पोर्टल पर अपडेट किया जा चुका है, जबकि 22,304 किसानों का सर्वे पूरा हो चुका है। बीमा कंपनी के साथ हुई बैठक में जनपद जालौन में क्षतिपूर्ति वितरण की प्रक्रिया 7 अक्टूबर से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी समीर ने बीमित किसानों से अपील की है कि वे फसल बीमा की क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए बीमा कंपनी की हेल्पलाइन 14447 पर आवश्यक पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए और इसके लिए शासन तथा बीमा कंपनी के स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप बटाई अथवा पट्टे पर भूमि लेकर खेती करने वाले किसानों के प्रति भी संवेदनशील और उदारतापूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। खेती में उनके द्वारा किए गए निवेश और इनपुट कॉस्ट को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार राहत एवं क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी समीर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा अथवा अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे। जिला प्रशासन इसी भावना के साथ राहत वितरण, फसल क्षति के सत्यापन और फसल बीमा क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को समय से आर्थिक सहायता मिल सके।