(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । उरई रोड से रूरा मल्लू गांव के रास्ते में गांव में जाने वाली मेन लाइन का खंभा गिरने से तीन दिनों से गांव की लाइट ठप पड़ी है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने डीएम से खंभे व लाइन को दुरूस्त कराने की मांग की है।
उरई जालौन फोर लेन से ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम रूरा मल्लू की सड़क मिलती है। इसी सड़क के साइड में होकर गांव के लिए बिजली की लाइन पहुंचाई गई है। इस सड़क पर बंबा के आगे सीमेंट से बना बिजली का एक पोल तीन दिन पूर्व गिर गया था। पोल गिरकर सड़क के किनारे खड़े पेड़ों पर टिक गया है। जिससे रास्ता तो बंद नहीं हुई है लेकिन हादसे का डर बना हुआ है। तेज हवा चलने पर पोल नीचे भी गिर सकता है। पोल गिरने से उस पर लगी बिजली की केबिल भी क्षतिग्रस्त होकर पेड़ों में ही उलझी पड़ी है। पोल गिरने व लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है। तीन दिन से गांव में बिजली न आने से गांव के लोग परेशान हो गए हैं। गांव के घरों में लगे इंवर्टर भी जबाव दे गए हैं। लोग मोबाइल फोन चार्ज न होने से लोग जरूरी कॉल के लिए भी परेशान हैं। गांव के कुलदीप परिहार, उपेंद्र, बॉबी, रामू, देव सिंह, साहिल, सुमित, शिवानंद, प्रमोदपाल, कृष्णपाल आदि ने बताया कि तीन दिन पूर्व बिजली का पोल गिरने से गांव में बिजली चली गई थी। तीन दिन से ग्रामीण रात में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सर्दी का मौसम चल रहा है गांव में अंधेरा रहने से चोरी का भी डर बना रहता है। बिजली विभाग को सूचना देने के बाद भी अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। खंभा जस का तस पेड़ों से लटककर झूल रहा है। तेज हवा चलने पर खंभे के गिरने से हादसे का भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने डीएम राजेश पांडेय से मांग की है कि जनहित को देखते हुए गिरे हुए बिजली के पोल के स्थान पर नया खंभा लगवाया जाए और बिजली की केबल दुरूस्त कर गांव में बिजली व्यवस्था बहाल कराई जाए।
जेई ने कही यह बात
इस बाबत जेई पीराम ने बताया कि सुबह बारिश के चलते काम शुरू नहीं हो पाया था। बारिश बंद होने के बाद काम चालू करा दिया गया है। काम पूरा होते ही बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।





