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तीन दिवसीय आम महोत्सव की तैयारियों का उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लिया जायजा,जारी किए ये निर्देश

Lucknow News Today । उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आम महोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरूवार को अवध शिल्प ग्राम लखनऊ पहुंचे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम महोत्सव में आने वाले किसानों, निर्यातको एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का विशेष ध्यान रखा जाय, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उद्यान मंत्री ने आम महोत्सव के लिए लगे स्टालों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि स्टालों पर आम की विशेष प्रजातियों के बारे में उल्लेख किया जाय, जिससे स्टाल में आने वाले लोगों को आम की विशेष प्रजातियों और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी मिल सके।

दिनेश प्रताप सिंह ने किसानों व आमजनमानस से अपील की है कि वह आम महोत्सव में आकर आम की विभिन्न किस्मों का लुफ्त उठाएं तथा किसानों को आम उत्पादन के क्षेत्र में विशेष जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित सेमिनार का भी लाभ उठाएं।

उन्होंने बताया कि आम की विभिन्न प्रजातियों व उनके उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगायी गयी है। तीन दिवसीय आम महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों के किसान, बागवान, स्टेकहोल्डर, निर्यातक भी शामिल होंगे।

आम की बागवानी को प्रोत्साहन मिलने से किसानों की आय बढ़ोत्तरी होगी। उत्तर प्रदेश आम के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, निर्यात एवं गुणवत्ता में अग्रणी स्थान रखता है।

आम महोत्सव-2024 में लगभग 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जायेगा।

बागवानों को आम उत्पादन की उन्नत तकनीकी, तुड़ाई उपरान्त प्रबन्धन, निर्यात हेतु प्रदत्त सुविधायें, कीट-व्याधियों का प्रबन्धन, विपणन तथा निर्यात हेतु प्रदान की जाने वाली सुविधाओं आदि के बारे में कार्यशाला का आयोजन भी किया जायेगा। आम से बने विभिन्न पकवान एवं व्यंजन प्रदर्शित किये जायेंगे, साथ ही प्रतिभागियों द्वारा तैयार आम के पकवानों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा।

आम विविधता प्रदर्शनी में 120 से अधिक किस्मों के प्रदर्शन, आमंत्रण (क्रेता-विक्रेता बैठक), आम खाने की प्रतियोगिता, प्रशिक्षण सेमीनार विशेष आकर्षण होंगे। प्रदेश में आम की लगभग 1000 प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, आम्रपाली, रामकेला, रतौल, लखनऊ सफेदा, बाम्बेग्रीन एवं अन्य रंगीन प्रजातियां प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं।

इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त डा0 देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी0एल0 मीणा, निदेशक उद्यान डा0 वी0बी0 द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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