(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । पूरे संसार में किसी को भी भरत जैसा भाई मिलना असंभव सा है। जिसकी कथनी व करनी में फर्क न हो वही श्रेष्ठ राजा होता है। यही बात प्रशासक पर भी लागू होती है कि वह जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर शासन चलाए। यह बात कथा वाचक पंडित शिवम शास्त्री ने रूरा मल्लू में आयोजित नौ कुुंडीय श्रीराम महायज्ञ व भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में उपस्थित श्रोताओं के समक्ष कही।
क्षेत्रीय ग्राम रूरा मल्लू में आयोजित नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा की अमृत वर्षा करते हुए पंडित शिवम नगाइच ने कहा कि जिसकी कथनी व करनी में फर्क न हो वही श्रेष्ठ राजा होता है। यही बात आज के समय में प्रशासक पर भी लागू होती है। कहा कि जो कैकई माता भरत जैसे संत की मां हो, प्रभु राम की अति प्रिय मां हो वह संसार में निंदनीय कैसे हो सकती है। प्रभु राम की ही मर्जी के अनुसार ही उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए राजा दशरथ से दो वरदान मांगे। वरदान मांगने के बाद समाज में लोग उनकी निंदा करेंगे उनको बुरा भला कहेंगे, यह जानते हुए भी उन्होंने संसार की भलाई चाही। वहीं, भरत ने भी भ्रात प्रेम में राम की चरण पादुका को सिंहासन पर रखकर राजकाज चलाया। इस दौरान यज्ञाचार्य आचार्य आदित्य उपाध्याय व उपयाज्ञाचार्य शिवम शास्त्री ने यज्ञकुंड में हवन आहुतियां दिलाईं। इस मौके पर यज्ञपति दिलीप गुर्जर, पारीक्षित प्रमोद पाल, बृजकिशोर गोस्वामी, बॉबी गुर्जर, कृष्णपाल सिंह, जीतू, सौरभ, साहिल, विक्कू, कुलदीप, बब्लू, भूरे, सालनी, मोहनी, संगीता, विनीता, ज्योति, शिवानी आदि मौजूद रहे।

Visit : www.tuliphitech.com





