शिक्षक बने जालौन कोतवाल ,,बच्चों के साथ साझा किए अनुभव,,,

Jalaun Kotwal became a teacher, shared experiences with children,,

(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । मलकपुरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को ‘नो बैग डे’ पर अतिथि शिक्षक बनकर जालौन कोतवाल ने बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
ग्राम मलकपुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को नो बैग डे रहा। इस अवसर पर जालौन कोतवाल विमलेश कुमार अतिथि शिक्षक बनकर विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों से रूबरू हुए और उनके साथ अपने अनुभव साझा किए। बच्चों ने भी खुलकर उनसे सवाल पूछे। उनमें बीच कुछ हंसी-मजाक की बातें भी हुई। कोतवाल ने बच्चों को बताया कि उन्होंने भी सरकारी विद्यालय से ही अपनी स्कूलिंग की और पुलिस में आने से पहले वे भी शिक्षक रह चुके हैं। बच्चों ने उनसे पुलिस सर्विस और पुलिस के व्यवहार से जुड़े सवाल किए। जिसमें पुलिस को लेकर डर क्यों होता है, पुलिस क्या क्या करती है जैसे सवाल भी थे। जिस पर उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से पुलिस से डरना नहीं चाहिए। बच्चों को तो बिल्कुल भी नहीं डरना चाहिए और लोगों को भी बेवजह बच्चों के अंदर पुलिस का भय नहीं बैठाना चाहिए। समाज में सभी सुरक्षित और बिना भय के रहें यह पुलिस का काम है।
इसके बाद बच्चों, खासकर छात्राओं को उनके खिलाफ होने वाली अनचाही घटनाओं के प्रति सावधानी बरतने की भी बातें बताई गईं । छात्राओं को मिशन शक्ति की भी जानकारी दी गई।
इस बार विद्यालय के बच्चों ने योजना बनाईं है कि आने वाले दीवाली के त्यौहार में गांव के लोग जुआ और शराब की बुराई से दूर रहे। इसके लिए वह अपने अभिभावकों से बात करेंगे। ग्राम प्रधान अमित ने बताया कि नो बैग डे विचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से आया है, जिसमें शनिवार के दिन बच्चों को पूरे सप्ताह लाने वाले भारी-भरकम बस्ते के बिना विद्यालय आना होता है। उत्तरप्रदेश में अभी इसे लागू करने की चर्चा चल रही है जबकि मलकपुरा पंचायत के इस विद्यालय में यह प्रयोग पिछले साल से ही चल रहा है, जो उसी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरित है और यहां के विद्यालय में लागू नई शिक्षा नीति का भाग है। इस मौके पर ग्राम प्रधान अमित, प्रधानाध्यापक मिलिंद सेन आदि मौजूद रहे।

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