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भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने सुनाया ये भावपूर्ण प्रसंग,,

(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । जालौन के क्षेत्रीय ग्राम रूरा मल्लू में आयोजित नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ व भागवत कथा सप्ताह में कथा वाचक ने अंतिम दिन राम राज्याभिषेक सहित राज तिलक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
रामकथा में कथा वाचक पंडित शिवम नगाइच ने कहा कि रामायण हमें जीने के तरीके सिखाती है। दूसरों की सम्पत्ति चाहे कितनी भी मूल्यवान हो उस पर हमारा कोई अधिकार नहीं है। चौदह वर्ष वनवास पूर्ण करने के बाद भगवान श्रीराम जब वापस अयोध्या पहुंचे तो अयोध्यावासी खुशियों से झूम उठे। रामायण हमें आदर, सेवा भाव, त्याग व बलिदान के साथ दूसरों की सम्पत्ति पर हमारा कोई अधिकार नहीं है, ऐसा सिखाती है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों, वनवासियों आदिवासियों के कष्ट दूर करते हुए, उन्हें संगठित करने का कार्य किया एवं उस संगठित शक्ति के द्वारा ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर किया। हर राम भक्त का दायित्व है कि पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें। यह राम कार्य है। श्रीराम के राज्याभिषेक का वर्णन किया और बताया कि बुराई और असत्य ज्यादा समय तक नहीं चलता। अन्ततः अच्छाई और सत्य की जय होती है। अधर्म पर धर्म की जीत हमेशा होती आई है। श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग के दौरान पूरे पंडाल में पुष्पों की वर्षा भक्तों द्वारा की गई। इस दौरान यज्ञाचार्य आचार्य आदित्य उपाध्याय व उपयाज्ञाचार्य शिवम शास्त्री ने यज्ञकुंड में हवन आहुतियां दिलाईं। इस दौरान विश्व में शांति व कल्याण की कामना की गई। इस मौके पर यज्ञपति दिलीप गुर्जर, पारीक्षित प्रमोद पाल, बृजकिशोर गोस्वामी, बॉबी गुर्जर, कृष्णपाल सिंह, जीतू, सौरभ, साहिल, विक्कू, कुलदीप, बब्लू, भूरे, सालनी, मोहनी, संगीता, विनीता, ज्योति, शिवानी आदि मौजूद रहे।

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