बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन न्यायिक मजिस्ट्रेट जावेद खान की अदालत ने नवजात शिशु की कथित लापरवाही से हुई मौत के मामले में सरकारी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।
स्थानीय सहयोगी से मिली जानकारी के अनुसार जालौन जनपद के कोतवाली माधौगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल में कुछ माह पूर्व प्रसव के बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। आरोप है कि पुलिस ने बच्चे को मृत जन्म मानते हुए जांच बंद कर दी थी इससे असंतुष्ट होकर परिवादी अकबरपुरा निवासी संदेश सिंह ने न्यायालय की शरण ली। मामले की पैरवी अधिवक्ता संतोष यादव ने की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केस डायरी, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विस्तृत अवलोकन किया। अधिवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों में यह बात महत्वपूर्ण रही कि नवजात बच्ची ने जन्म के बाद दूध पिया था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के पेट में दूध और कोलोस्ट्रम मिलने की पुष्टि हुई साथ ही उसके सिर में चोट के निशान भी पाए गए। अधिवक्ता श्री यादव ने बताया कि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया माना कि नवजात की मृत्यु सिर में चोट लगने के कारण हुई है अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्कालीन डॉक्टर पूजा व कुलदीप एवं नर्स संगीता व आकांक्षा के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु कारित करने के आरोप में संज्ञान लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट जावेद खान ने मामले में संबंधित चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को समन जारी करने के आदेश दिए हैं।





