रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । एक तरफ जिलाधिकारी जल स्तर को बनाये रखने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं। वहीं नगर के प्राचीन जल स्रोत कुंआ जमीदोज हो रहे हैं। जमीदोज हो रहे कुंआ पर लोग कब्जा कर रहे हैं जिससे उनके अस्तित्व समाप्त होता दिख रहा है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय लगातार जल स्तर को बनाये रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वाटर रीचार्जिंग को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर पिछले वर्ष नगर में जगह जगह सरकारी हैंडपंपों के पास वाटर रीचार्जिंग के लिए गड्ढों का निर्माण कराया जा रहा है तथा नगर पालिका परिषद द्वारा नगर प्राचीन कुओं का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के नौ कुओं का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है । वहीं जिलाधिकारी के इस अभियान को कुछ सफलता तक पहुंचने में अवरोध पैदा कर रहे। जल प्राचीन जल स्रोत कुंआ पर लोग कब्जा करने में लगे हुए हैं। नगर के बस स्टैंड पर पर प्राचीन व बड़ा कुंआ था जो आसपास के दुकानदारों के साथ बस स्टैंड की सवारियों के साथ राहगीरों की प्रयास बुझाता था।प्यास बुझाने के साथ ही आग लगने पर इनका पानी उपयोग में आता था। समय के साथ कुआं का उपयोग कम होता गया तथा लोगों ने उसमे कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। कुंआ में कचरा डलने केे कारण वह प्लेन जगह मे तब्दील हो गये। प्लेन जगह मे तब्दील हो कुंआ की जगह पर आसपास के लोग कब्जा करने लगे हैं। कब्जा होने के कारण प्राचीन जल स्रोत कुंआ का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। गर्मी के मौसम आग लगने पर मिलने वाले पानी की व्यवस्था खराब हो गयी है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल ने बताया कि नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के नौ कुओं का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। बोर्ड की बैठक में इस कुंआ के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पास कराकर जीर्णोद्धार करा दिया जायेगा।






