सम्मान, समानता का भाव ही समाज की उन्नति, खुशहाली का सूचकःतिलक अहिरवार
(ब्यूरो रिपोर्ट)

Orai / jalaun news today। सम्मान और समानता का भाव ही समाज की उन्नति और खुशहाली का सूचक है किसी भी देश और समाज की सर्वांगीण उन्नति तभी उच्च शिखर तक पहुंच सकती है जब हर वर्ग और तबके को बराबर का दर्जा प्राप्त हो भेदभाव और छुआछूत की भावना सम्पूर्ण समाज के लिए कलंक है।
यह बात माधौगढ़ विकासखंड के ग्राम मिझोना में स्मृति एवं मुक्ति दिवस 14 अक्टूबर के उपलक्ष में आयोजित जन चेतना बौद्ध सम्मेलन में तिलकचंद अहिरवार ने बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही । श्री अहिरवार ने कहा कि देश की आजादी के लंबे समय बाद भी समाज का एक बड़ा तबका अभी भी अपने सामाजिक हक और सम्मान की खातिर लड़ रहा है और यह लड़ाई प्रतिस्पर्धा की नही बल्कि बराबर के दर्जे को हासिल करने की है । उन्होंने कहा कि अब समाज के लोगों में जागरूकता और चेतना का भाव स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है जो की आने वाले समय में समाज को उन्नति के रास्ते पर ले जाएगा। कायर्क्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव ने कहा कि समाज में जीने वाले सभी लोगों को बराबर का हक है इस भावना से सभी को मिलजुल कर आपसी सहयोग और विश्वास के साथ देश को मजबूत करने की जरूरत है। रवि वर्मा ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के बाद भी भारतीय संविधान अब तक समानता का दर्जा नहीं दिल पाया है यह अफसोस की बात है इस दौरान उन्होंने तेहरहवी, मृत्यु भोज और भंडारे जैसी परंपराओं पर भी अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जो परंपराएं हमारे जीवन के लिए आवश्यक नहीं है उन पर भी हमें सोचना होगा तभी हम समाज को उन्नति की ओर ले जा सकते हैं। समारोह के विशिष्ट अतिथि मुलायम सिंह कठेरिया सहित अन्य कई अतिथियों ने अपने उद्बोधन में सामाजिक चेतना और जागरूकता को जरूरी बतलाया। सम्मेलन का संचालन सौरभ सिंह परिहार एवं दीपक कुशवाहा ने वह संयोजन मनोज गौतम ने किया। इस मौके पर बृजमोहन अहिरवार, बबलू, बैजनाथ कुशवाहा, मानसिंह पाल, बृजभूषण कुशवाहा, विकास राठौड, बालक राम दोहरे, राम प्रकाश जाटव, अनिल, रामशंकर वर्मा सुनील पाल सुनीता पाल, अंजनी शाक्य, मुन्नी देवी राठौर, हरि सिंह, होरीलाल मास्टर हरिकिशन दिवाकर, सुदामा बौद्ध, लाल शाह उदयराम, डा. माता प्रसाद, सुशील चौधरी, मणिलाल प्रजापति रामप्रकाश जाटव, राम शंकर पाल सुखराम दोहरे सहित सैकड़ो की तादात में लोग मौजूद रहे।






