लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित एसजीपीजीआई के सर हरगोविंद खुराना लेक्चर हॉल में आज एसटीपीआई ने “उभरती प्रौद्योगिकियों में हालिया प्रगति/Recent Advancements in Emerging Technologies” विषय पर एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसके उदघाटन सत्र में एसटीपीआई नोएडा निदेशक, डॉ. रजनीश अग्रवाल, एसजीपीजीआई निदेशक, डॉक्टर आरके धीमान, एसजीपीजीआई लखनऊ के बायो स्टैट्स विभाग के पूर्व प्रोफ एवं हेड डॉक्टर सीएम पांडेय, वाधवानी फाउंडेशन के निदेशक-इकोसिस्टम अंकित माचर , टाई लखनऊ के अध्यक्ष सचिन साहनी, तथा डॉ प्रवीण कुमार द्विवेदी – संयुक्त निदेशक एवं प्रभारी अधिकारी एसटीपीआई लखनऊ उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, मेडिकल प्रोफेशनल, इंजीनियरिंग स्टूडेंट, शोधार्थी, एन्त्रेप्रेंयूर्स आदि ने हिस्सा लिया |
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण के दौरान डॉ प्रवीण द्विवेदी , प्रभारी अधिकारी एसटीपीआई लखनऊ द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों एवं आगंतुको , प्रतिभागियों का स्वागत किया गया तथा यह भी बताया गया कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया (एसटीपीआई) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है | नीति प्रवर्तक के रूप में, एसटीपीआई भविष्य में तकनीकी प्रगति के लिए भविष्य की योजनाएं ला रहा है। भारत को एक उत्पाद राष्ट्र में बदलने के लिए एक दृष्टिकोण रखते हुए, एसटीपीआई हाल ही में भारत सरकार द्वारा अनुमोदित “सॉफ्टवेयर उत्पादों पर राष्ट्रीय नीति” के तहत कई पहलों को सक्रिय कर रहा है। भारतीय आईटी उद्योग को उद्योग 4.0 की चुनौतियों का सामना करने और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व का निर्माण करने में सक्षम बनाने के लिए जैसे IoT, ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी, फिनटेक, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, गेमिंग एंड एनिमेशन, मशीन लर्निंग, डेटा जैसे, डेटा विज्ञान और विश्लेषिकी, साइबर सुरक्षा, चिप डिजाइनिंग, ईएसडीएम आदि एसटीपीआई भारत भर में सहयोगात्मक तरीके से 21+ डोमेन-सेंट्रिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करने जा रहा है। ये CoE आने वाले समय में एक अखिल भारतीय जीवंत तकनीकी स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाएंगे।
लखनऊ में चिकित्सा एवं हेल्थ इन्फार्मेटिक्स क्षेत्र में एसजीपीजीआई एवं आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ मिलकर एसटीपीआई ने एक सेंटर ऑफ़ एन्त्रेप्रेंयूर्शिप-मेडटेक की स्थापना भी की है जिससे कि इस क्षेत्र के नवोंमेषियों/स्टार्टअप को वैश्विक स्तर की सुविधा प्रदान की जा रही है | अभी तक इस सेंटर में 25 स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट पर कार्य कर रहे हैं |
कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में , एसटीपीआई ने वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम के तहत स्टार्टअप्स के लिए डेमो डे एवं इन्वेस्टर कनेक्ट का भी शुभारम्भ किया , जिससे कि स्टार्टअप्स को इस योजना के अंतर्त्गत मिलने वाले 25 लाख रुपये तक के सीड फण्ड के अलावा इन्वेस्टर के माध्यम से फण्ड रेज करने का अवसर प्रदान किया जा सके |
कार्यक्रम के अगले दो सत्रों में टेक्निकल सेशन का आयोजन किया गया , जिनकी प्रमुख थीम “Harnessing Digital Technologies for Inclusion and Accessibility” एवं “New opportunities in emerging technology in healthcare”, जिसके प्रथम सेशन में टाई लखनऊ के अध्यक्ष स्टार्टअप आशीष कॉल –संस्थापक दिया टेक्नोलॉजीज, ट्रिपल आईटी से सहायक प्रोफेसर डॉ निहारिका आनंद, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान-लखनऊ के संयुक्त निदेशक अरुण मणि त्रिपाठी, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट –लखनऊ से डॉ शुभेन्द्र परिहार , आईईटी लखनऊ से सहायक प्रोफेसर डॉ पारुल यादव ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया | द्वितीय टेक्निकल सत्र में चिकित्सा क्षेत्र के एक्सपर्ट्स प्रो. शांतनु पाण्डेय – CVTS विभाग SGPGI, डॉ संजय गंभीर – प्रोफेसर एवं हेड नयूक्लेअर मेडिसिन विभाग एसजीपीजीआई , डॉ फैज़ –रेजिडेंट राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल लखनऊ , प्रोफ सी एम पाण्डेय , डॉ अलोक धवन –निदेशक सेंटर फॉर बायो मेडिकल रिसर्च ने अपने विचार प्रस्तुत किये एवं उपस्थित स्टार्टअप्स , शोधार्थियों एवं स्टूडेंट्स को नवाचार करने के लिए उत्प्रेरित किया तथा व्यक्तिगत एवं संस्थान स्तर पर हर यथा संभव मदद करने का आश्वासन दिया एवं एसटीपीआई को इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया |




