रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर स्थित हनुमंत साधना धाम में आयोजित साप्ताहिक रामकथा के दूसरे दिन कथा वाचक रोहित कृष्णाचार्य ने भगवान श्रीराम के जीवन के विविध प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर हो गया।
कथा वाचक रोहित कृष्णाचार्य ने कथा का आरंभ भगवान श्रीराम के बाललीला प्रसंगों से किया और बताया कि कैसे अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म से संपूर्ण नगर आनंदित हो उठा था। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक कथा नहीं, बल्कि धर्म, नीति और मर्यादा का जीवंत आदर्श है। राम के चरित्र को जीवन में आत्मसात करने से मनुष्य जीवन सार्थक हो जाता है। कथा वाचक ने भगवान श्रीराम के जीवन की गूढ़ शिक्षाओं को सरल और सरस शैली में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राम का जीवन त्याग, समर्पण, विनम्रता और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने माता कौशल्या, दशरथ और गुरुओं के प्रति राम की श्रद्धा, भाईयों के प्रति स्नेह, प्रजा के प्रति दायित्व और सीता माता के साथ उनका दिव्य संबंध वर्णित किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी को राम के चरित्र से प्रेरणा लेकर जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना करनी चाहिए। यज्ञाचार्य अनुज बाजपेई ने यज्ञ क्रियाएं संपन्न कराईं। इस मौके पर रमेशचंद्र महाराज, सुशीला देवी, पारीक्षित माया देवी, शिवराम राठौर, सुनीता, राधिका, अर्पणा, दीक्षा, रागिनी, कृष्णा, निशा आदि मौजूद रहे।





