Jalaun क्षेत्र में दिखा श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम,, दंडवत होकर भक्त पहुंचे मां के द्वार

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today।जालौन क्षेत्र में चल रहे गुप्त नवरात्र के पावन पर्व पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा। उरई मार्ग स्थित श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर के पुजारी कमलेश महाराज के नेतृत्व में भक्तों का जत्था दंड प्रणाम करते हुए पहाड़पुरा स्थित सिद्धपीठ मां कामाक्षी देवी मंदिर पहुंचा। भक्तों की भक्ति और समर्पण को देखकर मार्ग में लोगों ने उन्हें जलपान कराया।
श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर से गुप्त नवरात्र के पर्व पर शुक्रवार की देर रात पहाड़पुरा स्थित मां कामाक्षी देवी मंदिर के लिए यात्रा शुरू हुई। पुजारी कमलेश महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हुए करीब आठ किलोमीटर की दूरी तय की। हर कदम पर ‘जय माता दी’ और ‘जय हनुमानजी महाराज’ की और ‘बोलो बालाजी महाराज की जय’ के जयकारों से पूरा रास्ता गूंजता रहा। भक्तों ने इस कठिन तपस्या को मां की कृपा पाने का माध्यम बताया। मां कामाक्षी मंदिर पहुंचने पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज चढ़ाया और माता को चुनरी, प्रसाद व नारियल अर्पित किए। इसके साथ पुजारियों ने हवन कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। पुजारी कमलेश महाराज ने कहा कि गुप्त नवरात्रि में दंड यात्रा करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। दंडवत यात्रा से शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है और माता सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का भी आह्वान किया। यात्रा में शामिल श्रद्धालु आलोक शर्मा, लवकुश, ऋषभ, छोटू, जय पचौरी, ध्रुव, ओमजी, ऋषि, अंश, नितिन, प्रियांशु, प्रयांश, पिंटू, हर्ष, दिव्यांशु ने बताया कि हर वर्ष गुप्त नवरात्रि में यह परंपरा निभाई जाती है। दंडवत चलकर मां के दरबार पहुंचने से उन्हें मानसिक शांति और ऊर्जा मिलती है।