जालौन जनपद में पं. श्रवण कुमार द्विवेदी की पुण्य जयंती पर पत्रकारों का हुआ सम्मान,,

ग्रामीण क्षेत्र में पहले कलम की ताकत से लोगों को न्याय की राह दिखाई थी श्रवण द्विवेदी ने

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ब्यूरो रिपोर्ट

माधौगढ़ (जालौन)। पंडित परशुराम द्विवेदी इंटर कॉलेज में शिक्षाविद कुशल नेतृत्व धनी पत्रकारिता जगत के स्तंभ जन जन के प्रिय स्व. श्रवण कुमार द्विवेदी की पुंय जयंती का आयोजन पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उपजा दीपक कुमार अग्निहोत्री एवं उपजा के प्रदेश मंत्री अरविंद कुमार द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य एवं धीरज कुमार द्विवेदी के संयोजन में किया गया। इस मौके पर मौजूद सभी पत्रकारों ने द्विवेदी जी को याद कर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि दीपक अग्निहोत्री ने कहा कि पं .श्रवण कुमार द्विवेदी ग्रामीण पत्रकारों की रीढ थे वह हमेशा ग्रामीण पत्रकारों की आवाज को बुलंद करते रहे है उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं रहा है। उपजा के प्रदेश मंत्री अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा कि श्री द्विवेदी जी को अपनों से बहुत ही लगाव था वह अपनों की सदैव चिंता करते थे वह ऐसे व्यक्तित्व थे कि उनसे जो एक बार मिला वह उनका हो गया उनके काम करने की कला बड़ी ही नरम और सहज थी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वह काम किया जिसे कोई नहीं कर सकता है। उन्होंने जनपद नौ महाविद्यालय दिए वह जगम्मनपुर को ग्रामीण विश्वविद्यालय बनाना चाहते थे। उन्हांेने हमेशा नेक सीख देते हुए लोगों को जोड़ने का काम किया उनकी पहचान गांव जनपद में ही प्रदेश स्तर पर थी भले ही वह हमारे बीच प्रत्यक्ष रूप से नहीं है लेकिन वह हमें सदैव अप्रत्यक्ष रूप से आशीष देते रहेंगे उनसे हम लोगों को आत्म सम्मान और गौरव की सीख मिली हैं। वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि श्री द्विवेदी जी पितृ पुरुष थे उनकी अनेकों स्मृतियां हम लोगों के बीच है उन्होंने निर्भय निसंकोच खबर की नींव रखी थी उनसे हम लोगों को नम्रता की सीख मिलती है। वरिष्ठ पत्रकार प्रिंस द्विवेदी ने कहा कि स्व. श्रवण भाई साहब के अंदर कार्य करने की बेहतर क्षमता ने पत्रकारों के सम्मान को बढ़ाया तो वहीं शिक्षा से वंचित क्षेत्र में शिक्षा चिराग जलाकर अभूतपूर्व कार्य कर दिखाया। वरिष्ठ पत्रकार एडवोकेट अखिलेश सविता ने कहा कि द्विवेदी बडे़ ही नेक दिल इंसान थे उनकी बात भले ही सहज हो लेकिन बात हमेशा काम की रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में पहले कलम की ताकत से लोगों को न्याय की राह दिखाई तो वहीं शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय खोलकर बच्चों को डिग्रियां दिलाने का काम किया वह दीन दुखियों की भी चिंता करते थे। कार्यक्रम संयोजक नीरज कुमार द्विवेदी ने कहा कि स्व. चाचाजी हमारे पिता और गुरू जैसे थे वह हमेशा अच्छी सीख देते थे बदलाव की भावना से दूर रखते थे चाचा जी अनुभव धैर्य विश्वास के प्रतीक थे वह बडी से बडी समस्या से न घबराने की सीख देते रहे वह कहते थे समस्या चाहे जितनी बडी हो तसल्ली से समाधान मिलेगा इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक धीरज कुमार द्विवेदी ने सभी पत्रकारों का माल्यार्पण स्मृति चिंह देकर स्वागत किया तो वहीं बेटी अंजली ने स्वागत गीत तथा गायक शिवम द्विवेदी भजन गाकर स्मृतियों को तरोताजा किया कार्यक्रम का सफल संचालन राघवेन्द्र दोहोलिया ने किया आभार वरिष्ठ पत्रकार रामनरेश द्विवेदी ने जताया। इस मौके पर सुधीर पाठक, सतीश द्विवेदी, अखिलेश सविता, सुमित तिवारी, अरविंद सिंह सेंगर सदस्य जिला योजना समिति जालौन, महेन्द्र गौतम, बृम्ह प्रकाश द्विवेदी प्राधानाचार्य सोहित यादव, उप प्रधानाचार्य प्रदुम्न द्विवेदी, आशुतोष शर्मा, अंकुर यादव समेत अन्य लोगों की मौजूदगी रही है।