रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today। ‘बड़े लड़इया महुवे वाले, इनकी मार सही न जाए’ को उजागर करते ‘कजली मेला’ का आयोजन पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौराहे पर आयोजित हुआ। कजली मेले में बच्चे, बूढ़े एवं युवाओं के साथ ही महिलाओं ने भी मेले में रौनक बिखेरी। नगर पालिका द्वारा स्टॉल लगाकर कजली मेला में आने वाले लोगों का स्वागत किया गया।
बुंदेलखंड क्षेत्र में वर्षों से कजली पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान व महोबा के राजा परमाल से हुए युद्ध के चलते बुंदेलखंड की बेटियां कजली (भुजरियां) को रक्षा बंधन के दूसरे दिन दफन कर सकी थीं। इस युद्ध में आल्हा व ऊदल ने अदम्य साहस दिखाते हुए पृथ्वीराज चौहान की सेना के दांत खट्टे कर दिए थे। इसलिए इस पूरे क्षेत्र में रक्षाबंधन के दूसरे दिन को विजय उत्सव के रूप में मनाया जाता है। नगर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौराहे के पास वर्षों से कजली मेले का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही एक दूसरे को कजली (भुजरियां) देकर रक्षा बंधन पर्व की बधाई देते हैं। इसके बाद देर शाम को कजली को मलंगा नाले में विसर्जित कर मेले का समापन किया जाता है। कोंच चौराहे पर लगे कजली मेले में बच्चों के खिलौने, झूले, चाट, पकौड़े, खजला, लहिया, पट्टी आदि के काउंटर काफी संख्या में लगे जिसमें लोगों की भीड़ नजर आई। इस दौरान पुलिस व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। मेले में इस बार काफी रौनक और भीड़भाड़ नजर आई। आज की व्यस्ततम जीवन शैली के बाद भी लोगों का ऐसे आयोजन से जुड़ना पंरपरा से जुड़ा हुआ है। कजली मेले में नगर पालिका द्वारा स्टॉल लगाया गया। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल ने मेले में आने वाले लोगों से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। मेले के दौरान एसडीएम राकेश सोनी, सीओ अजय कुमार सिंह, प्रभारी कोतवाल लालबाबू मिश्रा, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी पुलिस फोर्स सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गश्त करते नजर आए।










