(रिपोर्ट – अमित चतुर्वेदी )

Auraiya news today । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद की जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने मंगलवार को तहसील कार्यालय बिधूना का सघन निरीक्षण करते हुए परिसर में साफ-सफाई, अधिक पुराने वादों का शीघ्रता से निस्तारण करने, कर्मचारियों को जीपीएफ पासबुक व सेवा पुस्तिका को अद्यतन किए जाने के साथ-साथ आवश्यकता अनुरूप पंजिका तैयार कर निष्पादित किए जाने वाले कार्यों का सही व सुस्पष्ट तिथि वार अंकन करने के निर्देश सभी संबंधोंतों को दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान पंजिका के अवलोकन से समस्त कार्यों की शीघ्रता से जानकारी मिल जाती है और बार-बार पत्रावलीयों को नहीं खोलना पड़ता है। साथ ही क्रम बद्धता भी पंजिका के माध्यम से प्राप्त हो जाती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने तहसील में आए फरियादियों की समस्याएं भी सुनी और उनके निस्तारण के निर्देश संबंधितो को दिए।

जिलाधिकारी ने लंबित पुराने वादों की पत्रावलियों को देखा और निर्देश दिए कि अधिक पुराने वादों का शीघ्रता से निस्तारण करें। उन्होंने पेशगार सत्येंद्र को निर्देश दिए कि पत्रावलियों में टैगिंग आदि लगाए जाएं जिससे प्रपत्र खोने न पाए। उन्होंने अभिलेखागार में पहुंचकर बीडिंग आदि का कार्य देखा और निर्देश दिए कि बीडिंग की कार्यवाही को पुनः शीघ्रता से कराया जाए। उन्होंने किए गए पट्टों पर कब्जा आदि की कार्यवाही को सुनिश्चित कराने को कहा और कहा कि इसके लिए भी सघन निरीक्षण किया जाए ताकि कोई भी पट्टा धारक कब्जे से वंचित न रहने पाए। इस अवसर पर उन्होंने उपजिलाधिकारी न्यायिक के कार्यालय में पहुंचकर पत्रावलियों को समय से दाखिल दफ्तर न कराए जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और निर्देश दिए की पत्रावलियों का समय से दाखिल दफ्तर कराएं। निरीक्षण के अवसर पर शैलेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में वेतन वृद्धि सहित प्रविष्टियां समय से अंकित की जाएं और जीपीएफ पासबुक को अद्यतन रखा जाए ताकि किसी के द्वारा जीपीएफ आदि मांग के समय संबंधित को तत्काल सुविधा मुहैया कराई जा सके। उन्होंने वासिल वाकी नवीस राजेश कुमार शाक्य को निर्देश दिए कि पटल से संबंधित पत्रों को समय-समय पर पूर्ण करें।

उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए कि माह वार वसूली की कार्य योजना बनाकर वसूली कार्य किया जाए और अपराधी प्रविष्टि के व्यक्तियों यथा, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट में नामित व्यक्तियों के विरुद्ध कुर्की आदि की समय से कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने प्रयोक्ता प्रमाण पत्र आदि की नकल देने में अधिक शुल्क न लेने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित काउंटर पर निर्धारित शुल्क का लेखन कराएं जिससे कोई अनुचित वसूली न कर सके। उन्होंने पटल के संग्रह सेवक नेत्रपाल को आगाह किया कि यदि अधिक शुल्क वसूलने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बैंक में ऑनलाइन जमा की जाने वाली धनराशि का कंप्यूटर से प्रपत्र निकालकर उपलब्ध कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान तहसील के दस बड़े बकायेदारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए की वसूली के लिए नियमानुसार कार्यवाही करते हुए धनराशि की वसूली शीघ्रता से की जाए।
उक्त अवसर पर डिप्टी कलेक्टर रमेश यादव, उप जिलाधिकारी लवगीत कौर, उप जिलाधिकारी न्यायिक रामऔतार वर्मा, तहसीलदार जितेश वर्मा सहित विभिन्न पटलों के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।






