रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता सूची में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्राम गायर के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने पात्रता सूची में आर्थिक रूप से सक्षम और पक्का मकान, ट्रैक्टर आदि रखने वाले लोगों के नाम शामिल करने एवं जरूरतमंद और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाया।
विकास खंड के ग्राम गायर निवासी दर्शन, गीता देवी, हेमंत कुमार, साहब सिंह, कमलेशी, शहजाद खान, सोनी देवी, शीला देवी, राजकुमारी, संतोष वर्मा, लालाराम, भगवानदास आदि ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपकर बताया कि गांव में वर्तमान में पीएम आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव द्वारा अनियमितता करते हुए अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं। जबकि वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। इससे गरीब परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पीएम आवास योजना ग्रामीण की पात्रता सूची की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जांच में जो भी व्यक्ति अपात्र पाए जाएं उनके नाम सूची से हटाए जाएं, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र लोगों को न्याय मिल सके। ग्रामीणों ने कहा कि निष्पक्ष जांच होने से ही वास्तविक हकदारों को आवास का लाभ मिल पाएगा।
इस गांव में भी नाली निर्माण में भी अनियमितता का आरोप
Jalaun news today । जालौन क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुठौंदा बुजुर्ग में नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायत पर जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को भेजी आख्या में बताया है कि जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलते ही गुण-दोष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत कुठौंदा बुजुर्ग निवासी गजेंद्र सिंह सेंगर ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि ब्रजमोहन के मकान से रामशरण के मकान तक कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता निम्न स्तर की होने, कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि ‘मेरी पंचायत ऐप’ पर भी कार्य की गुणवत्ता को लेकर कम रेटिंग और फीडबैक दर्ज कराया है और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत के निस्तारण में जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद ने मुख्य विकास अधिकारी को भेजी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत कुठौंदा बुजुर्ग से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिला विकास अधिकारी (सहकारिता) और लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-प्रथम के अधिशासी अभियंता की दो सदस्यीय जांच समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया कि जांच समिति से आख्या प्राप्त करने के लिए विभाग की ओर से पूर्व में तीन जून को पत्र भेजा गया था। इसके बाद भी जांच रिपोर्ट प्राप्त न होने तथा शिकायतकर्ता द्वारा दोबारा शिकायत किए जाने पर 24 जून को पुनः अनुस्मारक भेजकर शीघ्र जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आख्या में स्पष्ट किया है कि जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रकरण में तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।







