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रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today । जालौन में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों व पंडालों में देवी के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। लोगों ने देवी मां से पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।
शारदीय नवरात्र के मौके पर नगर व ग्रामीण क्षेत्र में 63 स्थानों पर देवी प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इसके साथ ही नगर के प्राचीन छोटी बड़ी माता मंदिर व पहाड़पुरा में स्थित मां कामांक्षा देवी मंदिर में मां शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा भक्तों ने देवी मां को रोली चंदन, नारियल आदि चढ़ाकर की। इस दौरान पूरा नगर जय माता दी के नारों से गुंजायमान रहा। पंडित देवेंद्र दीक्षित बताते हैं कि मां के ब्रह्मचारिणी नाम के पीछे देवी श्रीमद् भागवत पुराण में एक रोचक कथा है। जब मां शक्ति ने राजा हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया और भगवान शिव को वर स्वरूप पाने के लिए तपस्या की। देवी की तपस्वी स्वरूप के कारण ही इनका नाम बह्मचारिणी और तपश्चारिणी हुआ। मां का स्वरूप देवी सरस्वती का भी रूप माना गया है। इसलिए इनकी साधना और पूजा छात्रों के लिए बहुत भी लाभप्रद कहा जाता है। इनकी साधना से मेधा शक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
इस मंदिर पर हो रहा नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान
- जालौन। शारदीय नवरात्र में नगर के महारानी घाटवाली माता मंदिर पर नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भक्त सहभागिता कर रहे हैं।
नगर के महारानी घाटवाली माता मंदिर पर नवरात्र के दिनों में माता रानी का विशेष पूजन-अर्चन, श्रृंगार व अनुष्ठान चल रहा है। आयोजक मंडल के सदस्य शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि माता रानी के नौ दिनों तक प्रतिदिन भजन, कीर्तन, अनुष्ठान और हवन पूजन किया जाएगा। 19 अक्टूबर को नवमी पर्व पर छप्पन भोग, सवामनी हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।




