संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने पर गृह मंत्री ने बोला विपक्षी दलों पर हमला,,कही यह बात

Constitution amendment bill । महिला आरक्षण समेत अन्य मुद्दों को लेकर लाये गए संविधान संशोधन बिल के गिर जाने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। X हैंडल पर लिखते हुए कहा कि विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न केवल 2029 लोकसभा चुनाव में बल्कि हर स्तर पर हर चुनाव में झेलना पड़ेगा।

मोदी सरकार द्वारा लाये गए 131 वे संविधान संशोधन बिल को लेकर एक बड़ी खबर प्रकाश में आई है । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महिला आरक्षण बिल से जुड़ा 131 वां संविधान संशोधन बिल संसद में गिर गया है। इस बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बिल को लेकर लोकसभा में 489 सांसदों ने वोट डाले और बिल को पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी और 489 का दो तिहाई 326 होता है इस तरह बहुमत नहीं मिलने से यह बिल पास न होकर 28 वोट से गिर गया।

बता दे आपको भाजपा सरकार 2029 लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण समेत अन्य मुद्दों को लेकर 131 वा संविधान संशोधन बिल लेकर आई थी इस बिल को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर प्रहार कर रहा था। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना था कि यह भाजपा सरकार लोकसभा में अपने हिसाब से जीत हासिल करने के लिए लाया गया है। इसलिए वह इस बिल का विरोध करते हैं। आज इस बिल को लेकर वोटिंग की गई है जिसमें 28 वोट से यह बिल गिर गया ।

गृह मंत्री ने कही यह बात

आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।

अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के।

मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।